राज्यसभा की तीन सीटों के लिए आम आदमी पार्टी में एक बार फिर बगावत के सुर सुनाई देने लगे है । एक सीट के लिए संजय सिंह का नाम तो तय माना जा रहा है लेकिन दो सीटों के लिए पार्टी अब भी कोई मज़बूत कैंडिडेट तालाश रही है । पार्टी से बाहर भी वह कई लोगो से बात कर चुके है लकीन अभी भी पार्टी कुछ लोगो के नामो पर मंथन कर रही है।

बता दे के 5 जनवरी नामांकन की आखरी तारीख है । वही दूसरी और पार्टी के संस्थापक सदस्य और अन्ना आंदोलन से ही केजरीवाल के बेहद करीबी रहे कुमार विश्वास को पार्टी राज्यसभा भेजने के लिए बिल्कुल भी तैयार नज़र नही आ रही है जबकि कुमार खुद खुलकर इस पद की मांग कर चुके है और उनके समर्थकों ने तो पार्टी दफ्तर पे धरना तक दे रखा है और समर्थक उनको राज्यसभा भेजने की मांग बहुत ही ज़ोर शोर कर रहे है । बात यहाँ तक पहुँच चुकी है कि केजरीवाल ने खुद ट्वीट करके यह कहा है कि “जिन्हें पद का लालच है वो पार्टी छोड़ सकते है”

कुमार को लेकर पार्टी का रूख कोई नया नही है इससे पहले भी पार्टी के कुछ बड़े सदस्य उनके खिलाफ बयान देते रहे है । कुमार विश्वास, अरविन्द केजरीवाल और मनीष सिसोदिया किसी समय मे पार्टी के तीन सबसे बड़े नेता थे और लोकसभा चुनाव में भी केजरीवाल के बाद कुमार दूसरे ऐसे नेता थे जिन्होंने देश के बड़े नेता राहुल गांधी के खिलाफ उनके गढ़ में जाकर टक्कर दी थी ।

कुमार बिना किसी लालच के जी जान से पार्टी के लिए काम किया करते थे । लेकिन पार्टी ने लगातार उन्हें नज़रअंदाज़ करते हुए नए लोगो को पार्टी में लाकर उनसे ज़्यादा महत्व दिया और लगातार कुमार को दिल्ली से दूर रखा गया । वही बात है राजनीति ने सब कुछ पर्दे के पीछे तय किया जाता है और कुमार भी उसी अंदरूनी राजनीति के शिकार हुए । कुमार ने हमेशा पार्टी के साथ वफ़ा की लकीन पार्टी ने हमेशा उन्हें नज़रअंदाज़ किया और अब भी कर रही है । जिस राज्यसभा सीट के लिए यह सब हो रहा है तो बता दे कुमार उसके लिए बेहतरीन उम्मीदवार है वह देश के बड़े कवि के साथ एक अच्छे वक्ता भी है ।राष्ट्रवादऔर अन्य मुद्दों पर अपनी बेबाक अपनी राय रखने कुमार इस मामले पर अभी तक खामोश है और किसी भी प्रकार का बयान देने से बच रहे है उन्हें अभी भी उम्मीद है पार्टी आलाकमान उनके साथ न्याय करेगा ।।

 

अब्दुल्लाह सिद्दीक़ी

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