भारत सरकार ने 2016 से स्वच्छ सर्वेक्षण की शुरूआत की थी। 2016 से यह सर्वेक्षण लगातार जनवरी से मार्च के बीच किया जाता है। पिछले वर्ष इस सर्वेक्षण में 434 शहरों ने हिस्सा लिया था।इस साल इस सर्वेभण में 4041 शहरों ने हिस्सा लिया है।

2017 में इस सर्वेक्षण में यू.पी के 62 शहरों ने हिस्सा लिया था,जिसमें से बनारस 32वें स्थान के साथ यू.पी का सबसे साफ शहर बन गया था।यू.पी के बाकी 61 शहरों की हालत बहुत खराब थी।सर्वेक्षण के आखिरी दस पायदानों पर अकेले उत्तर प्रदेश के पाँच शहर थे।जिसमें से यू.पी का खुर्जा सबसे आखिर में आया था।

इस सर्वेक्षण में गाजियाबाद 351वें स्थान पर था, प्रदेश की स्थिती में सुधार के लिए प्रदेश सरकार बहुत से कदम ऊठा रही है। इसी का सबूत है कि गाजियाबाद शहर के ही एक क्षेत्र गगन विहार में इतने सालों में पहली बार कूड़ा गाड़ी आने लगी है।यह गाड़ी लोंगो के घर से कूड़ा इकठ्ठा करती है। पहले गगन विहार के लोग इस कूड़े को एक खाली प्लॉट में डाल देते थे। जब यहाँ कूड़ा ज्यादा इकठ्ठा हो जाता था तो यह लोग इस में आग लगा देते थे। इस आग से कई जहरीली गैंसे निकला करती थी। जब से कूड़ा गाड़ी का आगमन शूरू हुआ है तबसे लोग कूड़े को खाली जगह नहीं ड़ालते और ना ही कूड़े में आग लगाते हैं।

जबसे कूड़ा गाड़ी कि व्यवस्था हुई है तबसे यहाँ साफ सफाई रहने लगी है और इससे पर्यावरण की भी सफाई संभव हो पाई है।

स्वच्छता अभियान के चलते गाजियाबाद जैसे कई क्षेत्रों में सफाई पर ध्यन दिया जा रहा है। देश के 85% लोंगो ने भी यही माना है कि इस अभीयान के चलते उनके क्षेत्रों में साफ- सफाई बढ़ गई है।

साफ-सफाई से ही देश में पर्यावरण में प्रदूषण की समस्या को भी दूर किया जा सकता है।पर्यावरण के साथ-साथ लोंगो के स्वास्थय पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। देश की स्वच्छता देशवासियों के उचित स्वास्थ की नींव रखेगी।

मुग्धा भारती

डॉ.भीमराव अम्बेडकर कॉलिज

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