कर्नाटक चुनाव में अब बहुत ही कम समय बचा है। इसी के मद्देनज़र भाजपा ने अपने स्टारप्रचारक और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी रैलियों का कार्यक्रम ऐन मौके पर रखा। हमेशा की तरह इस बार पीएम मोदी अपनी वाकपटुता से मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।
गुरुवार को कलबुर्गी में एक चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री ने काँग्रेस पर निशाना साधा। उन्होने कहा कि काँग्रेस दलितों का फायदा उठा रही है। पीएम मोदी के मुताबिक काँग्रेस हमेशा से दलितो को गुमराह करती आयी है। इस बात का पिछले विधान सभा चुनाव में पता लग चुका है। साल 2013 में काँग्रेस ने राज्य के चर्चित दलित नेता मल्लिका अर्जुन खड़गे को मुख्यमंत्री बनाने कि बात कही थी मगर बाद में दलितों को धोखा देकर उन्होने सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बना दिया।

दिलचस्प बात ये है कि इस रैली में प्रधानमंत्री ने सिर्फ दलितों पर चर्चा नहीं की। उन्होने देश में लगातार हो रहे बलात्कारों पर भी चर्चा की। मोदी ने काँग्रेस से सवाल किया कि जब कर्नाटक के बीदर में बलात्कार हुआ तो उन्होने कैंडल मार्च क्यूँ नही निकाली? प्रधानमंत्री ने कहा कि दलित लड़की के साथ हुए बलात्कार पर कॉंग्रेस ने विरोध दर्ज क्यूँ नहीं किया।
गौरतलब है कि पिछले दिनो लंदन प्रवास के दौरान पीएम मोदी ने बलात्कार पर राजनीती न करने कि ताकीद दी थी। उन्होने कहा था ये एक दुखद और शर्मनाक घटना है इसलिए इसे किसी भी राजनैतिक पार्टी से जोड़कर न देखा जाये। उन्होने कहा था की रेप की घटनाओं को राज्य सरकारों से जोड़कर न देखा जाए।
किन्तु आज ख़ुद सत्ता में रहकर उन्होने काँग्रेस से सवाल करे अपनी ही मंशा को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

बता दें कि कठुआ और उनाव रेप कसे के बाद काँग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में इंडिया गेट पर एक कैंडल मार्च निकाली गयी थी। इसके कुछ दिन बाद जब गाजियाबाद के एक मदरसे में गीता नाम की 10 साल की बच्ची का बलात्कार हुआ तो भाजपा ने भी काँग्रेस की हिरस करते हुए जस्टिस फॉर गीता के नारों के साथ कैंडल मार्च की थी। इस मार्च की अगुवाई भाजपा के दिल्ली अध्यक्ष मनोज तिवारी ने की थी।

वहीं अगर कर्नाटक की ही बात करें तो राज्य की भाजपा टीम ने डेक्कन हेराल्ड में बलात्कार और हत्याओं को रेखांकित करते हुए बड़े-बड़े विज्ञापन छपवाये हैं।

उम्मीद है कि भाजपा की ये जागरूकता देश में बदलाव लाये। लेकिन सवाल सिर्फ इतना है कि केंद्र की सत्ता में रहते हुए और देश के 22 राज्यों में सरकार बनाने के बाद भाजपा आखिर सवाल किससे कर रही है? उसे किस सरकार और सत्ता से न्याय की प्रतीक्षा है?

महविश रज़वी

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