महाराष्ट्र के यवतमाल से लोन के लिए एक अजीबो गरीब शर्त का मामला सामने आया है. यहाँ पर एक महिला ने जब बैंक में लोन कि अर्जी दी तो कोऑपरेटिव सोसायटी के सचिव ने उसके सामने एक चौकाने वाली शर्त रख दी. सचिव ने महिला से कहा कि वो क़र्ज़ दे देगा लेकिन उसके लिए महिला को जिस्मानी सम्बन्ध बनाने होंगे. सचिव की इस मांग से महिला परेशान हो गयी और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज की जिसके बाद आरोपी सचिव की गिरफ्तारी हो गयी, हालांकि वो जल्द ही ज़मानत पर छूट गया. गौरतलब है कि ये मामला ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र में किसान कर्जमाफी का मुद्दा सुर्खियो में है.

इस मामले में आरोपी सहकारी ग्रामीण बैंक का सचिव दादाराव इंगोले मुख्य आरोपी है. महिला किसान का आरोप है कि इंगोले ने कर्ज दिलाने के नाम पर उसके साथ सोने की मांग करी थी. महिला की शिकायत पर पुलिस ने इंगोले को गिरफ्तार तो कर लिया लेकिन उसे दूसरे दिन ही ज़मानत मिल गई. मामले की जांच कर रही दारवा पुलिस थाने की पीआई रीता उइके ने बताया कि “पीड़ित महिला ने शिकायत की है कि ग्रामीण बैंक के सचिव ने ‘शरीर सुख’ की मांग की.

महिला ने जब अपने पति को इस बारे में बताया तो उसने फोन रिकॉर्ड करने की बात की और ऑडियो के साथ शिकायत दर्ज कराई. हमने धारा 354 के तहत मामला दर्ज किया है.”पीड़ित परिवार का कहना है कि दूध व्यवसाय करने के लिए उन्होंने ग्रामीण सहकारी बैंक में आवेदन कर 5 लाख रुपये का कर्ज मांगा था. सारी प्रक्रिया पूरी हो जाने के बावजूद भी बैंक वाले लोन देने में टालमटोल कर रहे थे. महिला का कहना है कि वो लोग उसके पति के सामने तो कुछ नही बोलते थे, लेकिन अकेले जाने पर आरोपी इंगोले कहता था ऐसा करो तो लोन मिलेगा. 5 लाख की जगहं 10 लाख दूंगा.

जानकारी के मुताबिक दारवा पुलिस पीड़ित महिला द्वारा सबूत के तौर पर दी गई ऑडियो क्लिप को फॉरेंसिक लैब में भेज दिया है और आगे की जांच जारी है. अता दें कि महाराष्ट्र में ये इस तरह की दूसरी वारदात है. हाल ही में बुलढाणा में एक नेशनल बैंक के अफसर ने भी ऎसी हीहरकत की थी.

हिंदी गैजेट टीम

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