भारत में सामजिक उद्धार और गरीबों की हितैषी के रूप में चर्चित मदर टेरेसा की एक संस्था का नाम चर्चा में है. दुःख की बात ये है कि रांची स्थित मदर टेरेसा की संस्था मिशनरीज ऑफ चैरिटी किसी भले काम के लिए नही बल्कि मानव तस्करी और बच्चा बेचने के आरोपों की वजह से पुलिस की जाँच का सामना कर रही है. एक दंपत्ति की शिकायत के बाद इस रैकेट का खुलासा हुआ और संस्था पर नवजात की बिक्री के आरोप लगे हैं. मानव तस्करी और अवैध रूप से बच्चा बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद पुलिस जांच तेज़ कर दी है.

आरोपों की शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने इस संस्था की एक कर्मचारी और दो सिस्टर्स को हिरासत में ले लिया है. जानकारी है कि गिरफ्तार की गयी सिस्टर्स चैरिटी होम की महिला संचालक के साथ मिलकर अब तक लगभग आधा दर्जन नवजात बच्चों को बेच चुकी है. इन आरोपों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी यानी CWC की जांच में और ज्यादा मजबूती दे दी है. CWC ने खुलासा किया है कि एक बच्चे के एवज़ में 1.20 लाख रुपये तक लिये गये थे.

इस मामले पर बात करते हुए CWC की सदस्य सीमा देवी ने बताया कि चैरिटी होम की कर्मचारी अनिमा इंदवार मुख्य आरोपी के रूप में सामने आई हैं. इस वजह से रांची की कोतवाली पुलिस ने सबसे पहले उन्हें ही गिरफ्तार किया है. वहीं रांची पुलिस का कहना है कि अनिमा ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है. अनिमा ने पुलिस को बताया कि वो अब तक आधा दर्जन नवजात बच्चों को चैरिटी होम की संचालिका सिस्टर कोनसीलिया के साथ मिलकर बेच चुकी है.

इतन गंभीर आरोपों के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है तथा चैरिटी की महिला कर्मी अनिमा इंदवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. वहीं सिस्टर कनसिलिया और सिस्टर मेरी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है.
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बच्चे बेचने की बात कुबूली है. अभी तक चार बच्चों को अवैध रूप से बेचने के पुष्टि हो चुकी है. पूछताछ के दौरान पुलिस को यह भी पता चला है कि संस्था की ओर से रांची के कांटाटोली, मोरहाबादी, सिमडेगा और उत्तर प्रदेश में भी बच्चों को बेचा जा चुका है, जिसके एवज़ में खरीदारों से अच्छी रकम ली गई.

जाँच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. एक अविवाहित मां मिशनरी ऑफ चैरिटी संस्था के संरक्षण में रहती थी. उसके डेढ़ माह के बच्चे को संस्था द्वारा यूपी के निवासी सौरभ कुमार अग्रवाल और उसकी पत्नी प्रीति को बेचा गया था. इसके बदले दोनों से अस्पताल खर्च के नाम पर एक लाख 20 हज़ार रुपये भी ले लिए गए. यह राशि अनिमा इंदवार, सिस्टर कनसिलिया और गार्ड के बीच बांटी गई. लेकिन दंपत्ति के पैसा देने के बाद भी उन्हें बच्चा नहीं मिला जिसकी शिकायत उन्होंने CWC से की. दंपत्ति की शिकायत ने ही इतने बड़े रैकेट का पर्दाफ़ाश किया. फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस कुछ और लोगों को भी गिरफ्तार कर सकती है.

हिंदी गैजेट टीम

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