जल है तो जीवन है तथा जल और जीवन दोनों ही अनमोल हैं. इसी बत को ध्यान में रखते हुए बिहार के लोगों को एक नयी सौगात मिलने वाली है. बिहार में एक नवोन्मेषी और लागत प्रभावी पेयजल परियोजना शुरू की गयी है. इस परियोजना के तहत प्रदेश के लोगों को दुनिया में सबसे सस्ते दाम पर पीने का पानी मिलेगा. नवोन्मेषी परियोजना के अंतर्गत सूबे के लोगों को 50 पैसे में एक लीटर पीने का पानी मुहैया करवाने की कवायद की जा रही है.

सुलभ इंटरनेशनल नाम के संगठन ने शनिवार को दरभंगा में ‘सुलभ जल’ नाम से इस परियोजना का शुभारंभ किया है. इस परियोजना में तालाब के गंदे पानी को स्वच्छ पेयजल में बदला जाएगा.

सुलभ इंटरनेशनल नाम के सामाजिक संगठन ने एक विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा, ‘एक दशक पहले सुलभ इंटरनेशनल द्वारा बिहार में ही सुलभ शौचालय की संकल्पना की नींव पड़ी थी जिसका प्रसार देशभर में हुआ. आज (शनिवार) एक नवोन्मेषी परियोजना की नींव रखी गई जिसके तहत दुनिया में सबसे सस्ता पीने का पानी महज 50 पैसे में एक लीटर मुहैया करवाया जाएगा.’

संगठन ने आगे कहा, “सुलभ जल शुद्धिकरण के विविध चरणों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा. यह नदी या तालाब जैसे जलाशयों से स्वच्छ व सुरक्षित जल मुहैया करवाएगा.” सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक ने दरभंगा नगर निगम परिसर स्थित हरिबोल तालाब में परिजयोजना की नींव रखी. पाठक ने बताया कि, “ये परियोजना जल्द ही शुरू की जाएगी. सब कुछ ठीक रहा तो दिसंबर तक यह चालू भी हो जाएगी.”

बताया जा रहा है कि इस परियोजना को कार्यान्वित करने में लगभग 20 लाख रुपये की लागत आएगी और इसमें 8,000 लीटर पेयजल रोज़ाना निकाला जाएगा जिसकी लागत नाममात्र होगी. पाठक ने कहा, “स्थानीय लोग और एनजीओ इसका रखरखाव कार्य संभालेंगे. समुदाय की सक्रिय भागीदारी से यह परियोजना चलेगी. इसमें रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.”

बता दें कि प्रायोगिक परियोजना पश्चिम बंगाल के 24 परगना, मुर्शिदाबाद और नादिया जिलों में सुलभ और एक फ्रांसीसी संगठन के साथ शुरू की गई थी जो सफल रही. अगर बिहार में भी ये परियोजना सफल हो जाती है तो उम्मीद है कि देश के बाकी राज्यों में भी इस तरह की परियोजनाओं पर विचार किया जाएगा, जिससे सबसे ज़्यादा फायदा गरीबी रेखा में आ रहे लोगों को मिलेगा.
हिंदी गैजेट टीम

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