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बात इतनी है की हम इंसान भी तब बनते है जब हम अदब और अहतराम के दायरे में रहते हैं अदब और अहतराम का मतलब किसी से दबना नही होता किसी से डरना नहीं होता बल्कि इंसान के हिसाब से उसे इज्ज़त देन होता है लेकिन आज अदब की कमी ने इंसान को अन्दर तक खोखला कर दिया है..

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सोशल मीडिया पर देखता हूँ किस तरह से लोग अपनी भाषा से बहार जाकर अपने से बड़ों की इज्ज़त को तार तार करते हैं औरतों को ट्रोल और बेईज्ज़त करते हैं करैक्टर पर हमला करते हैं यह सब देखकर दिल उदासी से भर जाता है. किसी ने खूब ही कहा है “बा-अदब बा-नसीब, बे-अदब बे-नसीब”, आपने सबकुछ सीखा लेकिन अदब न सीखा तो ज़िन्दगी में मोहब्बत के लाले पड़ जाते हैं इसका अंदाज़ा इस बात से लगाइए की हर शख्स भीड़ में रहकर भी खुद को तनहा महसूस करता है क्योंकि उसने अदब का दामन छोड़ दिया है बड़ों की इज्ज़त करना छोड़ दिया है छोटो से मोहब्बत करना छोड़ दिया है और दोस्तों का अहतराम करना भी छोड़ दिया है जब किसी शख्स ने यह सब छोड़ दिया है कोई कोई वजा बाकी नही है की सब मिलकर इस शख्स को भी छोड़ दें और आखिर में यही होता है…

हर जानवर में कोई न कोई सीफ़त होती है जैसे ऊँट की सीफ़त कीना (दिल में बुग्ज़) रखना होता है, सांप की सीफ़त डसना होता है, बिल्ली की सीफ़त बेवफाई होती है लेकिन आप जानकार हैरान होंगे की इंसान की कोई सीफ़त नहीं होती. जैसी तरबियत उसको मिलती है वैसी ही उसकी सीफ़त हो जाती है मिसाल के तौर पर इल्म आया था की इंसान के अखलाक और मामलात बेहतर हो जाएँ लेकिन इंसान से उसे सिर्फ कमाने का जरिया बना लिया, बचपन से जवान यही सुनते हुए हो गए की सही से पढोगे नही तो सही नौकरी नहीं लगेगी और अगर सही नौकरी नहीं लगी तो सही से ज़िन्दगी नही जी पाओगे, किसी ने भी यह नही कहा की सही से पढोगे तो बेहतर इंसान बनोगे, सगी से पढोगे तो इल्म में इजाफा होगा और काम को ढंग से करने वाले बनोगे, अब जब किसी ने यह बताया ही नै तो हमारी जवानी में हमसे बेहतर अखलाक की उम्मीद करना भी बेईमानी है..

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अब भी वक़्त है की हमें अदब के दायरे में आ जाने की ज़रूरत हैं वरना जितना डिप्रेशन और तोड़ हमारे बीच है उससे कहीं ज्यादा और आने वाला है, ज़रूरत है अपने बच्चो को अदब सिखाने की, खुद अदब सीखने की और बड़ो की इज्ज़त और छोटों से मोहब्बत करने की, दोस्तों का अहतराम करने की, मुख्तलिफ राय वालों को भी गले लगाने की, वरना हालत ये होंगे की आप चौराहे पर अपनों के ही ज़रिये ज़लील किये जायेंगे…

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