चुनाव आने वाले हैं और इस असर देश के कोने कोने में हिंसा के रूप में दिखाई दे रहा है और इस राजनीती का सबसे आसान निशाना मुसलमान होता है पिछले कई वक़्त से अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी संघियों के निशाने पर है और लगातार उसमे माहौल खराब करने की कोशिश होती रहती है फिर चाहे जिन्नाह की तस्वीर का मामला हो या हिन्दू छात्रों से भेदभाव की झूठी कहानी, इसमें सबसे दिलचस्प देखने वाली बात यह है की मीडिया इस यूनिवर्सिटी की खबर को किस तरह से जगह देती है…

तस्वीर शर्जील उस्मानी की वाल से ली गयी है

ऐसा लगता है जैसे देश के सारे काले धंधे इन ही यूनिवर्सिटी में हो रहे हैं और इन सबका ज़िम्मा मीडिया ने उठाया है ख़ास कर उन मीडिया संस्थानों ने जो दक्षिण पंथी राजनीती से प्रभावित हैं या समर्थक हैं. योगी सरकार में जिस तरह से हिंदुत्व का प्रसार प्रचार हुआ है यह भी समझने की ज़रूरत है कुम्भ पर इतना खर्च करना, हर ईमारत को भगवा बनाना, या फिर गाय के नाम पर कानून बना देना, यह सब समझने और सोचने लायक है

अलीगढ के धरना में हुआ छात्र घायल

हम पिछले दिनो से लगातार संघी सरकार और उनके दलालों को AMU को निशाना बनाते हुए देख रहे है, उसका ही उदाहरण कल हमें कल AMU और संघी रिपब्लिक टी॰वी॰ पर दिखाई दिया, ये हमला AMU, JMI या JNU पर नही बल्कि आप पर है, क्योंकि यदि आप पढ़ गये तो सवाल पूछने लगेगो और सवाल पूछना आज के दौर में देशद्रोह करना है.

 
मदरसों को निशाना बनाने के बाद अब ये लोग यूनिवर्सिटी को आतंकित करने से बाज़ नही आ रहे है, ये वक़्त है जब संघ के हर अलीग चाहे मुस्लिम हो या ग़ैरमुस्लिम, सब अमन पसंद लोगों को मिलकर अपनी यूनवर्सटीज़ को बचाने के लिए आवाज़ उठानी होगी।  कल संघी गुंडो में जिस तरह ए॰एम॰यू॰ छात्रों पर हमला किया, उससे साफ़ नज़र आता है की संघी और संघी सरकार इस देश और संविधान को नुक़सान पहुचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है..!!

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