गुरुग्राम की गुंडागर्दी पर जब बीबीसी की टीम ग्राउंड रिपोर्ट के लिए भोंडसी पहुंची तो एक बुज़ुर्ग ने कहा कि हम मुसलमानों को यहां रहने नही देंगे, यदि वह माफ़ी मांगेंगे तो उनको यहां रहने की इजाज़त दी जायेगी और गर उन्होंने माफ़ी नही मांगी तो 2,4 दिन में गांव में पंचायत होगी और पंचायत उनका बहिष्कार कर हुक्का पानी बंद करेगी क्योंकि मुसलमानो के घर में हथियारों का ज़खीरा रहता है,अब कोई इस गुंडे बुज़ुर्ग से कहे कि यदि साजिद के घर मे हथियार होते तो वो तथाकथित 25-30 गुंडे मवाली, आतंकी साज़िद के घर पर हमला नही करते साजिद के बच्चों के साथ मारपीट नही करते साजिद के परिवार की औरतों के साथ बर्बरता की सारी हदें पार ना करते, साजिद व दिलशाद समेत परिवार के मर्दो की गर्दन, टांग, हाथ, पसलियां नही तोड़ते, उनके घर पर तांडव नही मचाते और यदि यह सब भी कर देते रो तो साजिद के पास हथियार होने पर यह तथाकथित लाश बनकर वहां से दूसरों के कंधों पर जाते ये बात अलग कि बीजेपी का केंद्रीय मंत्री भले ही उनकी लाश पर तिरंगा लपेटने चला जाता लेकिन लाश ज़रूर बन सकते थे क्योंकि आदमी अपने साथ हो रही दरिंदगी, बर्बरता को सहन कर सकता है लेकिन उसके घर की महिलाओं के साथ उसकी आँखों के सामने बर्बरता की सारी हदें पार होती रही और साजिद व अन्य मर्द ख़ुद भी बर्बरता सहन करते रहे क्योंकि उनके पास हथियार नही था, और हथियार अख़लाक़ के परिजनों के पास भी नही था, हथियार अफराज़ूल, पहलू, जुनैद, मज़लूम, ज़ुबैर, रकबर के पास भी नही था।
अब सवाल यह उठता है कि यह बुजुर्ग किस पंचायत की बात कर रहा है, शायद उसी पंचायत की जब गुड़गांव में 12 साल की बच्ची के साथ रेप के बाद हत्या हो जाती है और वह पंचायत सरकार का हुक्का पानी बंद करने की धमकी नही देती? शायद उसी पंचायत की जो एक युवक गिरगिट को मार देता है तो उस युवक का हुक्का पानी बंद कर समाज से बहिष्कार कर गांव से भगा दिया जाता है? शायद यह बुजुर्ग उसी पंचायत की बात कर रहा है जो परिवार में बेटा ना होने की वजह से एक आदमी अपनी चारों बेटियों को वचन देता है कि बेटियों मेरी अर्थी को तुम ही शमशान तक ले जाना और पिता की मृत्यु के बाद बेटियां पिता को दिए हुए वचन को निभाने के लिए अर्थी को कांधा देती है तो पंचायत उन बेटियों का भी हुक्का पानी बंद कर समाज से बहिष्कार का ऐलान कर देती है?
आख़िर इस पंचायत को पंचायत लगाने का हक़ दिया किसने है?यह पंचायत बेटियों के साथ हो रही रेप की घटनाओं के बाद किस बिल में बड़ जाती है उस बिल का पता लगाना जरूरी है ताकि ऐसी घटनाओं पर इस पंचायत को खींच कर हर उस घटना पर लगाम लगाने के लिए रगड़ा जा सके।।

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