तस्वीर गूगल से ली गयी है...

लोग कहते हैं की भाग्य के भरोसे सबकुछ चलता है लेकिन कुछ लोगों ने इस कहावत को उल्टा करके दिखाया है और साबित किया है की दुनिया में कुछ भी नामुमकिन नहीं है मेहनत, लगन और हिम्मत से सबकुछ हासिल किया जा सकता है और आपकी मेहनत को कोई नहीं नकार सकता जब तक की आप ही हार न मान लो…

आज हम आपको जो बताने जा रहे हैं उसपर आपको यकीन करने में थोड़ी मुश्किल होगी, व्हील चेयर पर बैठकर एक शख्स ने भारत में 3 बार बॉडी बिल्डिंग में पहला स्थान प्राप्त किया, जिसको आज सभी “आनंद अर्नाल्ड” के नाम से जानते हैं व्हील चेयर पर बैठकर इस मुकाम को हासिल करने वाले ने कुदरत की मार झेली है आनंद ने अपना बॉडी बिल्डिंग का शौक़ 13 साल की उम्र में ही शुरू कर दिया था और 2 साल तक ठीक ठाक चलता रहा लेकिन 15 साल की उम्र में आनंद को स्पाइनल कैंसर ने अपनी चपेट में ले लिया. स्पाइनल कैंसर के कारण आनंद का निचला शरीर बेजान हो गया और करीब तीन साल तक बिस्तर पर ही ज़िन्दगी बिताई.

इन सब के हो जाने के बाद भी आनंद ने हिम्मत नहीं हारी और अपने परिवार की मदद लेकर दोबारा अपने शौक़ को पूरा करने के लिए निकले और आज तक वापस मुड़कर नही देखा. आनंद अबतक 3 बार मिस्टर इंडिया, 12 बार मिस्टर पंजाब और लगभग 27 खिताब जीत चुके हैं, 15 साल के लड़के ने कभी सोचा भी नहीं होगा की अपनी दोनों टांगे खो जाने के बाद आज दुनिया उसको अपना आइडियल मान लेगी और यही लड़का लाखो लोगो की प्रेरणा बनेगा, यह केवल उसका दृढ़ संकल्प और जुनून है जिसने 15 साल की उम्र में रीढ़ की हड्डी के कैंसर से पीड़ित होने के बाद उसे ‘भारत का पहला व्हीलचेयर बॉडीबिल्डर’ बनने में मदद की…

देश और दुनिया भर में ऐसे कितने और भी लोग हैं जो किसी भी हालत में अपने सपनों का पीछा करना नहीं छोड़ते, आखिरी सांस तक जिंदादिली से जीते हैं, दुनिया भर के सामने एक मुहावरा बन जाते हैं और सदियों तक लोग उनकी मिसालें देते हैं ये वही लोग हैं जो मेहनत और हिम्मत से अपने कामों को अंजाम देते हैं चाहे ज़िन्दगी में कितनी भी मुश्किलें आ जाएँ कभी पीछे हटने या पीठ दिखा कर भागने की कोशिश नही करते.. मशहूर बॉलीवुड स्टार ऋतिक रोशन को भी बचपन में नाचने में बहुत परेशानी होती थी उनके डॉ ने भी उनको नाचने से मचा कर दिया था लेकिन उनकी लगन, हिम्मत और एक सकारात्मक सोच ने उन्हें आज इतने ऊँचे मकाम पर लाकर खड़ा कर दिया है की आज बहुत ही कम एक्टर या एक्ट्रेस उनके मुकाबले का नाच पाते हैं इसलिए अपनी ज़िन्दगी में आगे बढ़ते रहिये कितनी भी मुश्किल और परेशानियाँ आयें कभी भी अपने रस्ते से वापस लौटने की मत सोचिए और यदि आप ऐसा सोच सकते हैं तो कर भी सकते हैं, जब भी कभी ऐसी मुश्किल आये तो आनंद अर्नोल्ड को और उनके संघर्ष को याद करिए…

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