वर्ल्डकप के साथ जोफ्रा आर्चर

जोफरा आर्चर एक ऐसा क्रिकेटर जिसने क्रिकेट की दुनिया में फ़ास्ट बोलिंग का ख़ौफ़ फिर से पैदा कर
दिया ऐसा कहना ग़लत नहीं होगा , हाल ही मैं चल रहे एशेज में एंडरसन के चोटिल होने के बाद जोफरा
आर्चर को मौका मिला और उन्होंने अपने पहले ही टेस्ट मैच में घातक गेंदबाजी की और बहेतरीन फॉर्म
में चल रहे स्टीव स्मिथ के गर्दन पर उनकी एक ख़तरनाक बाउंसर लगी और स्टीव स्मिथ चोटिल हो गए
, यहाँ तक कि वो अगली इनिंग में बल्लेबाजी करने नहीं आ पाए और उनकी जगह मार्नस लाबुस्चगने
आईसीसी के नए नियमों के मुताबिक वो बल्लेबाजी करने आये और जोफरा आर्चर उनका स्वागत भी
ठीक उसी प्रकार की बाउंसर से करा । हालांकि स्मिथ वाले मसले पर उनकी बुराई भी हुई कि उन्होंने
खेल भावना नहीं दिखाई और स्मिथ के गिरने के बाद वो उनका हाल चाल पूछने तक नहीं गए और कई
दिग्गज खिलाड़ी उनकी गेंदबाजी से तो खुश मगर उनके व्यवहार से नहीं शोएब अख्तर , युवराज सिंह
और उस मैच के कमेन्टर सभी ने उनकी आलोचना की ।

मगर जोफरा आर्चर अपनी उसी लय में गेंदबाजी करते रहे और उन्हें देखकर बॉडी लाइन गेंदबाज़ी की
याद आ गयी लेकिन कई दिग्गज खिलाड़ियों का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट के लिए जोफरा आर्चर जैसे
गेंदबाज़ों की बहुत जरूरत है ।
अब बात करते है उनके शुरुआती जीवन पर
तो जोफ़्रा आर्चर का पूरा नाम (जोफ़्रा चीओक आर्चर) है और उनका जन्म 1 अप्रैल 1995 (आयु 24) में
ब्रिजटाउन, के बारबाडोस में हुआ और शरुआती आती दिनों से ही वो वो एक क्रिकेटर बनना चाहते थे
और शुरुआत से ही वह एक एथलिट है अंडर 11 में लांग जम्प यानी ऊँची कूद में कई रेकॉर्ड उनके नाम
है स्कूल टाइम से ही। मगर सबसे ज्यादा जुनून उन्हें क्रिकेट का था और स्कूल टाइम से ही उन्हें कई
जगह अलग अलग प्रकार की चैंपियनशिप में हिस्सा लिया ।आर्चर की माँ बारबडोस से थी और इनके
पिता इंग्लैंड से थे इंग्लैंड से जुड़े होने से पहले आर्चर ने वेस्टइंडीज से क्रिकेट खेला और अंडर 19 की
टीम से जुड़े रहे और यहाँ भी अच्छी गेंदबाज़ी की तभी आर्चर की ज़िंदगी बदलती है उन्हें एक कमर की
इंजरी होती है और बारबाडोस सिस्टम उनपर ध्यान नहीं देता और इस चोट के बाद वो बारबाडोस की
टीम से बाहर कर दिया जाता है इसके साथ ही 2014 के अंडर -19 वर्ल्ड कप में वह वेस्टइंडीज में जगह नहीं बना
पाते और हताश हो जाते है । फिर उन्हें साथ मिलता है क्रिस जॉर्डन का ये भी वैसे वेस्टइंडीज की तरफ खेल
चुके है और फिलहाल इंग्लिश क्रिकेटर है वो उन्हें पहले भी इंग्लैंड की तरफ से खेलने की सलाह देते हैं
जब उन्हें बारबडोस में प्रैक्टिस करते देखते है आख़िरकार फिर जोफरा आर्चर पहुँच जाते है इंग्लैंड और
ससेक्स की तरफ से खेलना शुरू करते है जोकि इंगलेंड के घरेलू टीम है इसमे वह बेहतरीन प्रर्दशन
करते है इसके बाद वह दुनिया भर की टी 20 लीग में अपने नाम का लोहा बनवाते है बिग बैश लीग भी
अच्छा करते है इसके बाद दुनिया की सबसे बड़ी टी- 20 आईपीएल में 2018 में राजस्थान रॉयल्स की
टीम उन्हें 7 करोड़ 20 लाख में खरीदती है । औरयहाँ भी बहेतरीन प्रर्दशन करते हुए 4 ओवर में 22 रन
देकर 3 विकेट लेकर उन्हें डेब्यू मैच में ही मैन ऑफ द मैच चुना जाता है।

अब बारी आती है सबसे अहम पड़ाव की जोकि थी इंग्लैंड टीम में आने की तो आर्चर का प्रर्दशन किसी
से छुपा नहीं वह बहेतरीन गेंदबाजी कर रहे थे और समय आ चुका था 2019 वर्ल्ड कप के चयन का तो
इंग्लैंड में एक कानून है अगर आपको इंग्लैंड की टीम की तरफ से खेलना है तो या तो आपका जन्म
इंग्लैंड में ही हुआ हो या फिर आप 7 सालों से इंग्लैंड का निवासी हो । तो ये बात जोफरा आर्चर के पक्ष
में नहीं थी क्योंकि वह 2015 में इंग्लैंड आये थे मगर दुनिया भर के दिग्गज़ क्रिकेटरों का मानना था की
ये खिलाड़ी इंग्लैंड के वर्ल्ड कप स्क्वाड में होना ही चाहिए । फिर इंग्लैंड के बोर्ड एक चौकाने वाला फैसला
लिया और इस नियम में बड़े बदलाव किए और 7 साल से घटाकर 3 साल की निवासी भी खेल सकते है
ये संशोधन किया गया , तो अब इसका मतलब था कि आर्चर की इंग्लैंड टीम में जगह पक्की लेकिन
इसके बाद इंग्लैंड टीम 2 धड़ो में बटती नज़र आती है क्रिस वोक्स कहते है की किसी खिलाड़ी का
एकदम से वर्ल्ड कप की टीम में सीधे डेब्यू करना सही नहीं है ये बाकी उन खिलाड़ियों के साथ नाइंसाफी
है जोकि पिछले 2 सालों या उससे ज्यादा समय से वर्ल्ड कप की तैयारियों में जुटे हुए है और इंग्लैंड टीम
का हिस्सा है । वहीं कुछ खिलाड़ी मानते है कि उन्हें टीम में होना चाहिए इंग्लैंड के बोलिंग आल राउंडर
लियाम प्लंकिट जोफरा आर्चर के पक्ष मे शुरुआत से ही थे । सब उथल – पुथल के बाद आखिरकार वर्ल्ड
कप से पहले जोफरा का डेब्यू आयरलैंड के खिलाफ एकदिवसीय में और टी-20 डेब्यू पाकिस्तान के
खिलाफ करा कर उन्हें 2019 के विश्वकप के फाइनल 15 सदस्यीय टीम में जगह मिल जाती है । और
वो इस विश्वकप के सारे मैच खेलते है और पहले ही मैच में हाशिम अमला के मुँह पर एक बाउंसर
मारते है जोफरा आर्चर और बता देते है की वो आ चुके है जोकि उन्होंने 2013 के अपने ट्वीट में भी
कहा था कि "जब उनका डेब्यू होगा तो हर बल्लेबाज को 2 हैलमेट अपनी किट में रखने पड़ेंगे। वहीं वह
2019 के विश्वकप मे टोटल 20 विकेट हासिल करते है सबसे महत्वपूर्ण पल आता है उनके लिए
फाइनल में जब सुपर ओवर की कमान उनके हाथों में दी जाती है उन्हें 15 रन बचाने होते है और
आखिरी बॉल पर न्यूज़ीलैंड को कम बाउंडरी लगाने के कारण दो रनों की ज़रूरत होती है मगर गुप्टिल
एक ही रन बना पाते है और पूरा होता है सपना इंग्लैंड के वर्ल्ड कप जीतने का और जोफरा आर्चर एक
महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी को निभा पाने में सफल होते है । और फ़िलहाल वह इंग्लैंड टीम की गेंदबाजी की मजबूत
कड़ी है और क्रिकेट के तीनों ही प्रारूपों में टी-20, एकदिवसीय और टेस्ट में खेल रहे है और हम भी उम्मीद करते है कि
वह 150kmph की रफ्तार से तेज़ गेंदबाज़ी करते रहे और सबका मनोरंजन करते रहे।

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