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असदुद्दीन ओवैसी का जन्म  हैदराबाद में 13 मई 1969 को हुआ और वह एक बैरिस्टर भी है इसे साथ  भारतीय राजनीतिज्ञ भी है ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन  के वे  राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। ओवैसी पहली 2004  ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन  में हैदराबाद लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए थे। उसके बाद वे 2009 और 2014 और 2019  के आम चुनाव में भी हैदराबाद क्षेत्र से सांसद चुने गए।  असदुद्दीन ओवैसी के पिता सलाहुद्दीन ओवैसी भी एक राजनेता थे। वह दो दशक से भी अधिक तक हैदराबाद के सांसद रहे।

ओवैसी एक बहेतरीन प्रवक्ता है और संसद में अपनी बात  बतौर एक सांसद बात बड़ी ही तथ्यों के आधार पर रखते है , और मीडिया में भी सभी मीडिया बहसों , कॉन्क्लेव में अपनी बात बहुत ही बारीकी से रखते आज की एंकर अंजना ओम कश्यप से जब इनके बारे में पूछा  गया था उन्होंने कहा कि “ जब उन्हें किसी चीज़ पर ओवैसी से चर्चा करनी होती है या वह उनके किसी प्रोग्राम में आते है तो उन्हें और उनकी टीम को  बहुत ज्यादा रिसर्च करनी होती है क्योंकी वह कानून की बहुत अच्छी जानकारी रखते बहुत ज्यादा होम वर्क करके आते है “ |

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अमित शाह ने लखनऊ में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव को बहस की चुनौती दी थी।

ओवैसी ने कहा कि उनके साथ बसह क्यों? मेरे साथ बहस करो। मंगलवार को करीमनगर में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वह सीएए, एनआरसी और एनपीआर पर बहस करने के लिए तैयार हैं। ओवैसी ने कहा कि तुम्हें मेरे साथ बहस करनी चाहिए। मैं यहां हूं। मेरे साथ बहस क्यों नहीं करते?

राहुल गाँधी  और अखिलेश यादव को सुन लो

उन्होंने ममता बनर्जी और मायावती पर भी कटाक्ष किए। अमित शाह ने कहा कि राहुल बाबा और अखिलेश बाबा सुन लो। आपको भाजपा की जितनी भी आलोचना करनी है करो। प्रधानमंत्री मोदी की जितनी भी आलोचना करनी है करो। पर देश के खिलाफ आलोचना करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें जेल में डाल दिया गया जाएगा।

अखिलेश यादव  और राहुल गाँधी  देश विरोधियों का समर्थन करते हैं

अमित शाह ने कहा कि जेएनयू में देश विरोधी नारे लगते हैं तो अखिलेश यादव और राहुल गांधी देश विरोधियों का समर्थन करते हैं। ये बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अमित शाह ने कहा कि सीएए पर विरोधी पार्टियां दुष्प्रचार करके और भ्रम फैला रही हैं। इसलिए भाजपा जन जागरण अभियान चला रही है, और हम कोशिश कर रहे की लोगो को समझा सके

अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सीएए लेकर आए हैं। कांग्रेस, ममता बनर्जी, अखिलेश, मायावती और केजरीवाल सभी इस बिल के खिलाफ भ्रम फैला रहे हैं। इस बिल को लोकसभा में मैंने पेश किया। मैं विपक्षियों से कहना चाहता हूं कि आप इस बिल पर सार्वजनिक रूप से चर्चा कर लो। ये अगर किसी भी व्यक्ति की नागरिकता ले सकता है, तो उसे साबित करके दिखाओ ,या फिर बीजेपी का साथ दे |

हालाकि उनका ये कहना सही नही क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने अभी इसपर कोई सपष्ट फैसला नही लिया है , तो उन्हें ऐसा कहना नही चाहिए की वह किसी हाल में भी इसे वापस नहीं लेंगे कोई वह सुप्रीम कोर्ट से बड़े नही है | तो पक्ष और विपक्ष को सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा बनाए रखना चाहिए |

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