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वसीम जाफर एक भारतीय क्रिकेटर हैं, जिनका जन्म 16 फरवरी 1978 को, महाराष्ट्र में मुंबई  हुआ था। वह एक दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और इसके साथ-साथ पार्ट टाइम ऑफ ब्रेक गेंदबाजी भी करते है । महान मोहम्मद अजहरुद्दीन के समान विशेषताओं और शैली के साथ, वसीम  जाफर भारत के घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट, रणजी ट्रॉफी में कदम रखा , और शानदार तकनीक और कमाल का टेम्परामेंट उनकी बल्लेबाज़ी के ये दोनों मज़बूत पक्ष थे |

शुरूआती क्रिकेट की दुनिया का उनका सफर

महज़ 15 साल की उम्र में जाफ़र ने स्कूल क्रिकेट में ही अपना नाम काफी बड़ा कर लिया था जब उन्होंने 400 रन की एक विशालकाय पारी खेली थी जबसे ही जाफर के नाम से सब परिचित थे | और इसके बाद जाफर जब रणजी ट्राफी में आए तो एक मैच में ट्रिपल सेंचुरी जड़ थी यह मैच सोराष्ट्र और मुंबई के बीच था उन्होंने 4 नवम्बर 1996 को हुए इस मैच कुल 314 रन की एक शानदार और यादगार पारी खेली|

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वसीम जाफर के हैरान कर देने वाले रिकॉर्ड

भारत के सबसे प्रमुख लिस्ट ए क्रिकेटर वसीम जाफर इस समय रुकते नहीं दिख रहे हैं। वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में रिकॉर्ड के बाद रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। जाफर रणजी ट्रॉफी में 12000 रन बनाने वाले पहले क्रिकेटर बने। दाहिने हाथ के इस बल्लेबाज़ ने  विदर्भ और केरल के बीच चल रहे मैच  में यह उपलब्धि हासिल की। 2018 में, वह रणजी ट्रॉफी में 11000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज भी बनने का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज़ था |

जाफर के नाम रणजी ट्रॉफी में 40 शतक हैं जो इस  टूर्नामेंट रिकॉर्ड भी है। वह इस साल रणजी ट्रॉफी में एक और शानदार सीजन खेल रहे हैं। जब सीज़न शुरू हुआ, तो जाफर के नाम 11,775 रन थे। उन्होंने इस सत्र में टूर्नामेंट का अपना 150 वां मैच भी खेला जो एक और टूर्नामेंट का  रिकॉर्ड  है |

जाफर अब रणजी ट्रॉफी में अपनी टीम के साथ एक और उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। वह रणजी ट्रॉफी में 12000 रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। 1996/97 सीज़न में अपनी शुरुआत करने के बाद, जाफर के नाम भारत के प्रमुख घरेलू टूर्नामेंट में कई रिकॉर्ड हैं। प्रतियोगिता में उनकी उत्कृष्टता के लिए  उन्हें प्रशंसकों और विशेषज्ञों से बहुत प्रशंसा प्राप्त की और हम उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई देते है |

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एक नज़र उनके  इंटरनेशनल करियर पर

रणजी ट्रॉफी में कुछ बढ़िया  सीज़न गुजरने के बाद  , जाफर का सपना पूरा हुआ और साल  2000 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की ओर से उन्हें शामिल किया गया था। प्रोटियाज़ बॉलिंग लाइन-अप में उस वक़्त  एलन डोनाल्ड , शान पोलैक जैसे भयभीत करने वाले नाम शामिल थे, जिनका सामना वासिम जफ़र को पारी का आगाज़ करते हुए करना था और जाफर इसमें कुछ ख़ास नही कर सकते थे|

क्योंकि   उस वक़्त इस बोलिंग लाइन अप का सामना बड़े बड़े धुरन्दर नही कर पाते जाफर का तो फिर भी करियर शुरू हो रहा था , इस सीरीज में  4 पारियों में  सिर्फ 46 रन ही बना सके  अगला मौका जो जाफ़र को मिला, वह 2002 के  बाद कुछ सीज़न थे, जिनमे जाफर ने   रनों के पहाड़ का बना दिया था ,फिर उन्हें दोबारा मौका मिला और अंत में उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए चुन लिया गया |

हालांकि जाफर घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी रहे हैं, लेकिन उनका करियर छोटा रहा है। उन्होंने भारत के लिए 31 टेस्ट खेले और 34.10 की औसत से 1944 रन बनाए। उन्होंने इस दोरान  पांच शतक और 11 अर्धशतक जड़े।

दाएं हाथ के खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दो  दोहरे शतक  भी बनाए है जिसमे एक पाकिस्तान और एक वेस्टइंडीज के खिलाफ बनाया है |

वासिम जाफर आप को इस साल आईपीएल में किंग्स xi पंजाब की कोचिंग करते हुए नज़र आयेंगे ,देखना होगा की कोच के रूप में वह कितना सफल हो पते है |

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