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इस बार दिल्ली के चुनाव में मोजूदा सरकार आम आदमी पार्टी की जीत लगभग सभी एग्जिट पोल में निश्चित बताई जा रही है,लेकिन हर बार की तरह इस बार भी कई दल ईवीएम को लेकर यानि उसकी सुरक्षा को लेकर संतुष्ट नही लग रहे है बीजेपी के दिल्ली अध्यक्ष मनोज तिवारी सभी एग्जिट पोल को नकारते हुए अपनी जीत 48 सीटो से बता रहे है .लेकिन दिल्ली में एक दो इलाको में EVM मशीन के चोरी होने की खबर आ रही है ऐसे आरोप आम पार्टी के लोग लगा रहे है हलाकि इस पर चुनाव आयोग का कुछ स्पष्ट बयान नही आया है और दूसरी परेशानी वोटिंग (%) को लेकर भी चुनाव चुनाव आयोग शक के दायरे में है.

ईवीएम की सुरक्षा की बात की जाए तो इसे संदेह के दायरे से परे कहा जा सकता है। किसी भी मतदान स्थल पर पोलिंग के बाद ईवीएम को बॉक्स में रखा जाता है और फिर पूरे सुरक्षा दस्ते के साथ उन्हें स्ट्रॉन्गरूम में रखा जाता है, जो पूरी तरह से सील होता है। स्ट्रॉन्गरूम के दरवाजे सील किए जाते हैं, यहां तक कि रूम में यदि कोई विंडो होती है तो उसी भी सील कर दिया जाता है। आइए, जानते हैं कैसे स्ट्रॉन्गरूम में होती है ईवीएम की सुरक्षा.

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जाने स्ट्रॉन्गरूम तीन स्तरीय सुरक्षा के बारे में
स्ट्रॉन्ग रूम का मतलब उस कमरे से है, जो पूरी तरह सील हो और किसी भी गैर-आधिकारिक व्यक्ति का वहां जाना मना हो । मतदान के बाद ईवीएम स्ट्रॉन्गरूम में रखी जाती है और इनकी सुरक्षा के लिए चुनाव आयोग पूरी तरह सतर्क रहता है। देश के किसी भी राज्य में स्ट्रॉन्गरूम में ईवीएम की सुरक्षा चुनाव आयोग तीन स्तरों पर करता है। इसकी सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों की तैनाती रहती है। केंद्रीय बल स्ट्रॉन्गरूम के भीतर की सुरक्षा देखते हैं, जबकि बाहर की सुरक्षा राज्य पुलिस बलों यानि इस बार कमान दिल्ली पुलिस के हाथों में है।

आखिर कितनी कड़ी निगरानी होती है
स्ट्रॉन्गरूम की सुरक्षा की निगरानी जिले के डीएम और एसपी के हाथों में होती है। साफ है कि  सरकार के अधिकारियों के हाथ में भी स्ट्रॉन्गरूम की निगरानी की जिम्मेदारी होती है। स्ट्रॉन्गरूम की सीलिंग के वक्त राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि मौजूद रहते हैं। इन प्रतिनिधियों को भी अपनी तरफ से सील लगाने का अधिकार होता.ताकि सभी दल के प्रर्त्याशी पूरी तरह संतुष्ट रहे और ये चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी भी है .

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कैमरे का पहरा 24 घंटे बना रहता है 
स्ट्रॉन्गरूम के बाहर सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल में होते हैं। इसके अलावा सुरक्षा बलों के पास एक लॉग बुक होती है, जिसमें हर आने-जाने वाले की डिटेल होती है। यही नहीं इन सबसे अलग प्रत्याशियों के एजेंटों का भी जोरदार जमावड़ा हर स्ट्रॉन्गरूम के बाहर होता है। जबतक गिनती प्रक्रिया पूरी नही हो जाती .

लेकिन चुनाव आयोग का काम बहुत ही जिम्मेदारी वाला होता है , क्योंकि लोकतंत्र में चुनाव आयोग की भूमिका बहुत अहम होती है .

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