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तेलंगाना सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ राज्य विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित करने का फैसला किया है, जो कि सीएए विरोधी राज्यों की श्रेणी में शामिल है।

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तेलंगाना सरकार के  मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव की अध्यक्षता में  कैबिनेट बैठक में में ये  निर्णय लिया, और इसके अलावा केंद्र से नागरिकता अधिनियम में पिछले साल के बदलावों को रद्द करने का आग्रह किया। तेलंगाना सरकार ने केंद्र से ये अपील  की है के वे  किसी को नागरिकता देने में धर्म के आधार पर “भेदभाव न करे”

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इस मंत्रिमंडल की बैठक में बताया गया कि सीएए नागरिकता प्रदान करने में धर्म के आधार पर भेदभाव करेगा और भारतीय संविधान की  प्रस्तावना  में शामिल धर्मनिरपेक्षता वाली बात को खतरे में डालेगा।

राज्य मंत्रिमंडल ने केरल, पंजाब, राजस्थान और पश्चिम बंगाल द्वारा पारित राज्यों की तर्ज पर राज्य विधानसभा में एंटी-सीएए प्रस्ताव पारित करने का फैसला किया।

सीएए के खिलाफ राव शुरुआत से ही है,  राव ने पिछले महीने ही कहा था कि वह CAA का विरोध करने के लिए क्षेत्रीय दलों और मुख्यमंत्रियों की बैठक बुला सकते हैं। उन्होंने कहा, “राज्य विधानसभा एक प्रस्ताव पारित कर सकती है, जैसे अन्य राज्य विधानसभाओं ने सीएए के खिलाफ किया था।”

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