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सबसे पहले जाने ये लॉरेस अवॉर्ड क्या है?

यह खेलों की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स में से एक है। 1999 में लॉरेस स्पोर्ट फॉर गुड फाउंडेशन के डैमलर और रिचीमॉन्ट ने इसकी शुरुआत की थी। पहले अवॉर्ड 25 मई 2000 को दिए गए थे। इसमें 13 अलग-अलग कैटेगरी में अवॉर्ड दिए जाते हैं। अवॉर्ड में प्रमुख कैटेगरी लॉरेस वर्ल्ड स्पोर्ट्समैन ऑफ द ईयर, लॉरेस वर्ल्ड स्पोर्ट्सवूमन ऑफ द ईयर, लॉरेस वर्ल्ड टीम ऑफ द ईयर, लॉरेस वर्ल्ड कमबैक ऑफ द ईयर और लॉरेस वर्ल्ड ब्रेकथ्रू ऑफ द ईयर है।

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धोनी की कप्तानी में वर्ल्‍डकप 2011 में भारतीय टीम के वर्ल्ड कप जीतने के बाद साथी प्‍लेयर्स द्वारा मास्‍टर ब्‍लास्‍टर सचिन तेंदुलकर को कंधे पर उठाकर मैदान में घुमाने के भावुक पल को  को पिछले 20 वर्ष का बेस्‍ट लॉरेस स्‍पोर्ट‍िंग मूमेंट माना गया है. इस खास क्षण को लॉरेस स्पोर्टिंग मूमेंट 2000-2020 पुरस्‍कार के लिए चुना गया है. जर्मनी के बर्लिन शहर में आयोजित लॉरेस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवार्ड कार्यक्रम में इसका ऐलान किया गया और यह भारत की लिए बड़ा गर्व वाला वक़्त था.

सचिन तेंदुलकर सहित 20 दावेदार 2000 से 2020 तक के सर्वश्रेष्ठ लॉरेस स्‍पोर्ट्स मूमेंट के रेस में थे, आखिर में सचिन से जुड़े इस लम्‍हे को सबसे यादगार माना गया. सचिन तेंदुलकर से जुड़े इस लम्हे को ‘कैरिड ऑन द शोल्डर्स आफ ए नेशन  (Carried on the Shoulders of a Nation’) शीर्षक का नाम दिया गया.

हालाकि इससे पहले सचिन जिस टीम में शामिल थे ,2003 वर्ल्ड कप में फाइनल में जाकर ऑस्ट्रेलिया से हार गये थे सचिन इसमें मैन ऑफ़ दा टूर्नामेंट रहे और एक वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड उन्ही का है (673 रन)  और यह अभी तक रिकॉर्ड टूटा नही है ,  मगर उनकी टीम हार गई थी इसलिए वह मायूस हुए और सचिन कुल 6 वर्ल्ड कप खेले लेकिन धोनी की कप्तानी  में साल 2011 जब वो खेले तो वह टीम 28 साल बाद टीम वर्ल्ड कप फिर से जीती.

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