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जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नबीला सादिक का बुधवार को कोरोना से उनकी मौत हो गई जो की उनके घरवालो और उनके स्टूडेंट्स के लिए बहुत बुरी खबर थी . वो पिछले कई दिनों से कोरोना से जूझ रही थीं. कुछ दिन पहले ही उनकी मां का भी कोरोना संक्रमण की वजह से निधन हो गया था. 4 मई को उन्होंने ट्वीट कर अपने लिए आईसीयू बेड्स मांगा था. 2 मई को  लिखा था कि दिल्ली में कोई भी जिंदा नहीं रह सकता.

देखिये उनके द्वारा की गए कुछ उनके अंतिम ट्वीट –

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April 23: “Too many deaths of knowns for one day.”

April 24: “Too young and known people dying due to lack of oxygen. Every day I wake up to a death news. Too much for the mental state. When will this end.”

April 26: “Pray the health improves by tomorrow. Thankfully fever has reduced much. Just this throat.”

May 1: “Pray for me and parents please. We sail through”

May 2: “At this rate no one will stay alive in Delhi atleast.”

May 4: “Any ICU bed leads? For myself.”

May 4: “Got it”

नबीला की अचानक मौत से न केवल उनके दोस्तों, बल्कि स्टूडेंट को भी गहरा सदमा लगा है. जामिया में एमए की पढ़ाई कर रहे एक स्टूडेंट ने  बताया कि जब उन्हें डॉ. नबीला की तबीयत खराब होने की जानकारी मिली तो वो अपने कुछ साथियों के साथ उनके घर गए. उन्हें पहले जामिया इलाके में ही एक अस्पताल में भर्ती  कराया गया था, लेकिन वहां हालत में ज्यादा सुधार न होता देख फरीदाबाद के फोर्टिस अस्पताल में शिफ्ट किया गया

स्टूडेंट ने बताया कि नबीला की मां दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती थीं, जहां उनकी मौत हो गई. हालांकि इस बारे में नबीला को भी नहीं बताया गया था क्योंकि वो पहले ही क्रिटिकल थीं. स्टूडेंट के मुताबिक नबीला काफी शांत रहती थीं और अपने स्टूडेंट की उनकी पढ़ाई में हर संभव मदद करती थीं.

एक नजर में जाने नबिला सादिक को-

नाबिला को कविता लिखने का भी बड़ा शोक था वो काफी कविताये भी लिखती थी और जामिया में वीमेन स्टडीज की प्रोफेसर थी.

B.A. (Honors) English. (2000-03) Hansraj College, University of Delhi

M.A. (Politics (with Specialization in International Relations)). (2003-05) (School of International Studies, Jawaharlal Nehru University).

M.Phil. (2005-07) (Centre for Canadian, US and Latin American Studies, School of International Studies, Jawaharlal Nehru University).

Ph.D. (2013) (Centre for Canadian, US and Latin American Studies, School of International Studies, Jawaharlal Nehru University)

कोरोना की बीमारी के कारण इससे पहेले अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के भी 20 से ज्यादा प्रोफेसर की मौत हो चुकी है और तकरीबन 25 से ज्यादा नॉन टीचिंग स्टाफ की मौत हो चुकी है.

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